सेरोट की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग कई वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा था। इस रास्ते के बंद होने से किसानों, छात्रों, ग्रामीणों और आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) को भारी असुविधा होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए समिति ने 29 मई 2025 को “रास्ता खोलो अभियान” के तहत प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रास्ते का सीमा–ज्ञान (demarcation) करवाया।
सीमा निर्धारण के दौरान जेसीबी मशीन लगवाकर रास्ते की वास्तविक चौड़ाई और स्थिति को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया, जैसा कि आपके द्वारा भेजी गई तस्वीरों में दिखाई देता है। सीमा-ज्ञान पूरा होने के बावजूद रास्ता पूर्ण रूप से नहीं खुल पाया है, क्योंकि कुछ स्थानों पर अभी भी अवरोध हैं।
समिति इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय है और अप्रैल 2026 में दोबारा सीमा–ज्ञान करवाने तथा आवश्यक होने पर पुलिस प्रशासन बुलाकर रास्ते को पूर्ण रूप से खुलवाने की योजना बनाई गई है। यह कार्य ग्राम के कई हिस्सों में आवाजाही और कृषि कार्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।